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प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को दिखाएं बहार का रास्ता -मुख्यमंत्री

प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को दिखाएं बहार का रास्ता -मुख्यमंत्री

October 12, 2017 12:55 PM
 प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को दिखाएं बहार का रास्ता -मुख्यमंत्री

रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दी जाए या नहीं इसको लेकर देश में चल रही बहस के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त रुख दिखाया है। सीएम ने सभी जोन के एडीजी-आईजी के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में आला अफसरों को निर्देश दिए कि जिलों में सर्वे कराकर अवैध रूप से रह रहे विदेशियों खासकर बांग्लादेशियों को प्रदेश से बाहर खदेड़ा जाए। आंकड़ों के मुताबिक अकेले लखनऊ में 90 हजार बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों की सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जाए। प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस को और बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई ऐसी हो कि वे प्रदेश छोड़ने पर मजबूर हो जाएं। सीएम ने अफसरों से कहा कि आपको खुली छूट है। जो सही हो वो करें। मुख्यमंत्री ने मुहर्रम, दुर्गापूजा व दशहरा के दौरान हुई घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अफसरों को कड़ी चेतावनी दी कि दिवाली और छठ पूजा पर कहीं भी स्थिति खराब होती है तो उसके लिए पुलिस अफसरों को जिम्मेदार माना जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों के खिलाफ चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा, अपराधियों के खिलाफ पुलिस अभियान चलाए। थानेवार संदिग्ध लोगों की सूची बनाकर उनकी कारगुजारियों पर लगातार नजर रखी जाए। हर जिले में ट्रैफिक प्लान बनाकर जाम से छुटकारा दिलाया जाए। अवैध खनन, तस्करी और पशु तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर इनमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मैं चिल्लाता हूं तो कुछ दिन ट्रैफिक सही रहता है...
बैठक में यातायात महकमे पर मुख्यमंत्री की नाराजगी साफ दिखी। उन्होंने कहा, जब मैं चिल्लाता हूं तो कुछ दिन ट्रैफिक सही रहता है, पर बाद में फिर उसी ढर्रे पर आ जाता है।
पोस्टिंग में दखल नहीं, तो क्यों नहीं हो रही अच्छे लोगों की पोस्टिंग
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि थानेदारों की पोस्टिंग में खुली छूट दी गई है। किसी नेता, विधायक या प्रतिनिधि का हस्तक्षेप नहीं है तो फिर क्यों अच्छे लोगों की पोस्टिंग नहीं हो रही? नाकारा थानेदारों और कोतवाल को चिह्नित करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिलाधिकारियों से परामर्श कर मेरिट के आधार पर थानाध्यक्षों की तैनाती करें।
थानेदार से लेकर एडीजी तक रोजाना पैदल गश्त करें
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अफसरों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अपराधियों में भय कायम हो और जनता में विश्वास, इसके लिए थानेदार से लेकर एडीजी जोन स्तर तक के अधिकारी रोजाना पैदल गश्त करें।
नाकारा और लापरवाह थानेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड के अफसरों को क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के भी नंबर अपने मोबाइल में फीड करने चाहिए। यदि वे फोन करते हैं और व्यस्तता के कारण आप फोन नहीं उठाते तो आप उन्हें कॉल बैक जरूर करें। लगभग तीन घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि वे दिन-रात एक कर अपेक्षित परिणाम दें।
 


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