19 Feb 2020
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आज वसंत पंचमी पर अपनों को ऐसे दें शुभकामनाएं, ये रहे शानदार मैसेज

आज वसंत पंचमी पर अपनों को ऐसे दें शुभकामनाएं, ये रहे शानदार मैसेज

January 29, 2020 04:42 PM
आज वसंत पंचमी पर अपनों को ऐसे दें शुभकामनाएं, ये रहे शानदार मैसेज

Basant Panchami 2020 Wishes: वसंत पंचमी का पर्व 29 जनवरी यानी आज बुधवार को पूरे देश में मनाई जा रही है। यह पावन पर्व मां सरस्वती की आराधना के लिए समर्पित है। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना वसंत पंचमी के अवसर पर पूरे देश में बड़ी ही आस्था और विश्वास के साथ किया जाता है। यह पर्व हिंदू धर्म में बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। माता सरस्वती को बुद्धि और विद्या की देवी माना जाता है। 

वसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु में पड़ता है। खेतों में पीली सरसों लहलहाने लगती है जोकि अपने आप में बेहद खूबसूरत नजारा होता है। इस त्योहार के मौके पर लोगों को बधाई देने के लिए इन मैसेज का इस्तेमाल करें। कहा जाता है कि बसंत पंचमी से मौसम में बदलाव आना शुरू होता है यानी कड़ाकेदार सर्दियां जाने लगती हैं और बसंत ऋतु का आगमन होने लगता है। वसंत पंचमी के खास अवसर पर लोग अपने मित्रों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को शुभकामनाएं भी भेजते हैं। ऐसे में हम भी आज आपके लिए वसंत पंचमी के आकर्षक वॉलपेपर्स लेकर आए हैं, जिसके जरिए आप शुभकामनाएं दे सकते हैं। 
सर्दी को तुम दे दो विदाई, वसंत की अब ऋतु है आई,

फूलों से खुशबू लेकर महकती हवा है आई,
बागों में बहार है आई, भंवरों की गुंजन है लाई,
उड़ रही है पतंग हवा में जैसे तितली यौवन में आई,
देखो अब वसंत है आई।

वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

मां सरस्वती का वसंत है त्योहार
आपके जीवन में आये सदा बहार
सरस्वती हर पल विराजे आपके द्वार
हर काम आपका हो जाए सफल

बंसत पंचमी की शुभकामनाएं।

बहारों में बहार बसंत
मीठा मौसम मीठी उमंग
रंग बिरंगी उड़ती आकाश में पतंग
तुम साथ हो तो है इस ज़िंदगी का और ही रंग

Happy Vasant Panchami

वीणा लेकर हाथ में, सरस्वती हो आपके साथ में
मिले मां का आशीर्वाद आपको, हर दिन, हर वार
हो मुबारक आपको बसंत पंचमी का त्यौहार

बसंत पंचमी की शुभकामनाएं...!

सरस्वती पूजा का प्यारा त्योहार
जीवन में लाएगा खुशी अपार
सरस्वती विराजे आपके घर
शुभ कामना हमारी करें स्वीकार

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं

मां सरस्‍वती का मंत्र

मां सरस्वती की आराधना करते वक्‍त इस श्‍लोक का उच्‍चारण करना चाहिए:
ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।

कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।
वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।
रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।
सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।वन्दे भक्तया वन्दिता च 

सरस्‍वती वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता 
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। 
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता 
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥ 

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं 
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌। 
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌ 
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥२॥


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